कल कहीं जो चोट देके, छोड़ तुमको जातेढूंढते हैं आस दे देके थक के हार जातेकल कहीं इस हाल में जब ज़िन्दगी तड़पाएयाद रखना ग़म तुम्हारा यीशु सहता है
दूर कहीं इन राहों में हो जाओ तुम जो अकेलेयाद रखना कोई हर पल साथ चलता हैदूर कहीं अन्धियारे में जब दिल कभी घबराएयाद रखना सूली पे कोई दीप जलता है
कितने ऐसे पल हैं तुम्हारे, होते हो जब बे-सहाराअपनों ही से चोट खाके ढूंढते हो किनाराकल कहीं इस हाल में जब ज़िन्दगी थक जाएयाद रखना उसका इशारा थाम लेता है