Unknown Artist
जंगली दरख्तों के दरमियानएक सेब के पेड़ के समाननजर आता है मुझे ऐ मसीहसारे संतों के बीच में तू
हम्द करूँ मैं तेरी ऐ प्रभुअपने जीवन भर इस जंगल के सफर मेंगाऊं शुक्रिया गुज़ारी से मैं
तू ही नर्गिस आज शारों काहां तू सोसन भी वादियों कासंतों में तू है अति पवित्रकैसे कामिल और शान से भरा
इत्र के जैसा है तेरा नामखुशबू फैलाता है जहां मेंतंगी मुसीबत और बदनामी मेंबना खुशबूदार तेरे समान