हालेलूयाह! प्रभु मेरेतेरा धन्य मानता हूँएक और वर्ष मैं द्वारा तेरेकुशल-क्षेम से रहा हूँ
जो कुछ तेरी ओर से आयामेरे लिए भला थादुःख और सुख जो मैंने पायादान है तेरी कृपा का
क्षमा कर, हे कृपा सागरमेरे सारे दोष-अपराधतू ही है सकल गुणसागरतेरी दया है अगाध
नए वर्ष में मेरी सुध लेदिन-दिन प्राण के मेरे नाथरक्षा कर और कुशल-चैन देसदा रहे तू मेरे साथ
दिन और वर्ष तो बीत जातेकेवल तू ही है अटलमानव मरते-मिटते जातेकेवल तू रहता अटल
अपना रक्षक नए वर्ष मेंतुझ को ही ठहराया हैजीते-मरते, दुःख और सुख मेंयीशु तू ही आसरा है